आज का नहीं 370 साल पुराना है चांदनी चौक का इतिहास, शाहजहां ने बेटी के लिए बसा दिया था बाजार

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Delhi Chandni Chowk: जब भी दिल्ली की बात होती है तो दिल्ली के चांदनी चौक (chandni chowk)का जिक्र जरूर होता है. फिल्मों में भी आपने चांदनी चौक देखा होगा और एक फिल्म का नाम भी चांदनी चौक पर ही रखा गया है. चांदनी चौक की बात ही निराली है, यहां किस्म किस्म की चीजें मिलती है. कपड़े, गहने, जरूरत का हर सामान और छोटी से छोटी चीज किफायती रेट पर यहां आपको मिल जाएगी. यहां खरीदारी के साथ साथ लोग लज्जतदार डिशेज खाने भी आते हैं. चांदनी चौक बहुत ही पुराना बाजार है औऱ इसका इतिहास 370 साल पुराना है. यहां की पतली पतली गलियों को कटरा कहा जाता है और हर वक्त यहां खरीदारों की भीड़ जमा रहती है. पुरानी दिल्ली का ये बाजार (chandni chowk Market)दिल्ली की शान ही नहीं है बल्कि यहां हर उम्र के लिए खरीदारी का स्वर्ग बसा है. 

 

शाहजहां ने बेटी के लिए बसाया था बाजार 

कहते हैं कि पहले इस जगह को शाहजहानाबाद के नाम से जाना जाता था. मुगल सम्राट शाहजहां की बेटी को खरीदारी का बहुत शौक था और इसी शौक को पूरा करने के लिए बादशाह ने अपने लाल किले के आगे पूरा एक बाजार बसा दिया. उनकी बेटी यहां खरीदारी करती और शाहजहां बेटी के इस शौक पर काफी खुश रहता था. 1650 में शाहजहां ने इस बाजार को इस तरह बनवाया कि एक वक्त यहां यमुना नदी का पानी भी आता था. धीरे धीरे ये बाजार बहुत प्रसिद्ध हो गया और दिल्ली के खास बाजारों में गिना जाने लगा. 

 

सर्वधर्म सद्भाव का उदाहरण है चांदनी चौक 

चांदनी चौक भले ही शाहजहां ने बसाया लेकिन यहां हर धर्म और वर्ग के लिए खरीदारी का पूरा मौका है. चांदनी चौक का इलाका हर धर्म के लोगों के लिए खास जगह है. यहां प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर भी है और फतेहपुरी मसजिद भी है. इतना ही नहीं सिखों का मशहूर गुरुद्वारा शीशगंज भी चांदनी चौक में ही है और सेंट्रल बैपटिस्ट चर्च भी यहां मौजूद है. चांदनी चौक चांदी औऱ सोने के सामान और जवाहरातों के लिए मशहूर है. यहां आप शादी की पूरी शॉपिंग बहुत ही सस्ते में कर सकते हैं. यहां डिजाइन की कमी नहीं है, रोज लाखों कस्टमर यहां आते हैं और सड़कें हमेशा गुलजार रहती हैं.

 

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