पीएम गतिशक्ति योजना के 2 साल, 11.58 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम में आई तेजी

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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम गति शक्ति योजना के आज शुक्रवार को दो साल पूरे हो गए हैं. सरकार ने इस योजना को बुनियादी संरचना क्षेत्र की परियोजनाओं की लागत व समय को कम करने के लिए 2021 में लॉन्च किया था. सरकार की यह योजना काफी उपयोगी साबित हुई है. बताया जा रहा कि इस योजना ने अपने 2 सालों में लाखों करोड़ों की परियोजनाओं के काम को तेज किया है.

2 साल में किए गए ये काम

सरकार ने योजना के दो साल होने के मौके पर रिपोर्ट कार्ड जारी की है. रिपोर्ट कार्ड के अनुसार, पिछले 2 सालों के दौरान पीएम गति शक्ति योजना के तहत 300 से ज्यादा सेंट्रल व स्टेट प्रोजेक्ट का मूल्यांकन किया गया है. वे परियोजनाएं मिलाकर 11.58 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत की हैं. योजना के तहत मूल्यांकन ने तेजी से मंजूरियां दिलाने, परियोजनाओं की बाधाओं को दूर करने जैसे काम को अंजाम दिया गया है.

इस समय में आई बड़ी कमी

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के द्वारा तैयार परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड में कहा गया है कि पीएम गति शक्ति योजना ने शुरुआत के 2 सालों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग के स्तर में सुधार किया है. मंत्रालय के अनुसार, पहले जहां किसी बुनियादी संरचना परियोजना के प्री-अलाइनमेंट को फाइनल करने में 3-4 महीने का समय लगता था, अब एक महीने में काम हो जा रहा है.

पीएम गति शक्ति योजना के तहत सभी परियोजनाओं के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र मंजूरियों को डिजिटल बना दिया गया है. एकीकृत पोर्टल बनने से योजना को तैयार करने का काम बेहतर हुआ है. पहले ये मंजूरियां मैनुअली मिलती थीं, जिसमें ज्यादा समय लग जाता था.

इन परियोजनाओं का मूल्यांकन

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, पीएम गति शक्ति योजना के तहत जिन परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया है, उनमें 200 से ज्यादा स्टेट प्रोजेक्ट हैं. 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ये परियोजनाएं लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने से संबंधित हैं. 156 क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर गैप प्रोजेक्ट अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए हैं.

केंद्र की ये परियोजनाएं शामिल

मूल्यांकन किए गए सेंट्रल प्रोजेक्ट में 6.06 लाख करोड़ रुपये की 45 रेलवे परियोजनाएं, 4.19 लाख करोड़ रुपये की 47 सड़क परियोजनाएं, 79 हजार करोड़ रुपये की आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय की परियोजनाएं और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाएं शामिल हैं.

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