बगैर गारंटी वाले रिटेल लोन के डूबने का बढ़ा खतरा, UBS ने इन बैंकों का घटाया टारगेट प्राइस

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<p style="text-align: justify;"><strong>UBS Report On Banks:</strong> शुक्रवार के ट्रेडिंग सत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक और निजी क्षेत्र की एक्सिस बैंक के स्टॉक में गिरावट देखी जा रही है क्योंकि विदेशी ब्रोकरेज हाउस यूबीएस ने इन स्टॉक्स को डाउनग्रेड कर दिया है. दोनों ही शेयरों में 2 फीसदी तक की गिरावट देखी जा रही है. यूबीएस का मानना है कि बैंकों का पर्सलन लोन जैसे अनसिक्योर्ड लोन के डूबने का खतरा बढ़ता जा रहा है क्योंकि ऐसे कर्ज लेने वाले जिनके ऊपर पहले से ही पुराना कर्ज बकाया है, बैंकों की ओर से पिछले कुछ वर्षों में उन्हें लोन देने में बढ़ोतरी देखने को मिली है.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>कमजोर रिस्क प्रोफाइल वालों को ज्यादा लोन!</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">यूबीएस ने नोट में कहा कि ऐसे लोन लेने वाले जिनका रिस्क प्रोफाइल बेहद कमजोर है ऐसे लोगों को लोन दिए जाने में बढ़ोतरी देखने को मिली है. आरबीआई के डेटा के मुताबिक अगस्त 2023 महीने के खत्म होने तक क्रेडिट कार्ड लोन पर बैंकों का बकाया 2.18 लाख करोड़ रुपये पर जा पहुंचा है जो एक साल पहले 1.68 लाख करोड़ रुपये हुआ करता था. पर्सलन लोन बकाये में 26 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">6 अक्टूबर 2023 को मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी का ऐलान करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने पर्सनल लोन के कुछ कॉम्पोनेंट को लेकर बैंकों को आगाह किया था. उन्होंने कहा, कुछ पर्सनल लोन में हाल के दिनों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है. आरबीआई इसपर अपनी पैनी निगाह बनाये हुए है. उन्होंने बैंकों और एनबीएफसी को अपने अंदरुनी सर्वलांस मैकेनिज्म को मजबूत करने और किसी भी जोखिम से निपटने के लिए तैयार रहने की नसीहत दी.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>7.7 फीसदी पर 5 से ज्यादा पर्सनल लोन है बकाया </strong></h3>
<p style="text-align: justify;">यूबीएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ऐसे उधार लेने वाले जिनपर पुराना कर्ज बकाया है कुल कर्ज में उनकी हिस्सेदारी बढ़कर 2022-23 में 23 फीसदी पर जा पहुंची है जो 2018-19 में 12 फीसदी हुआ करती थी. 2022-23 में ऐसे उधार लेने वाले जिनपर एक से ज्यादा रिटेल लोन चल रहा उनकी संख्या 2022-23 में बढ़कर 9.3 फीसदी हो गई जो 2017-18 में 3.9 फीसदी थी. ऐसे बैंकों से उधार लेने वाले जिनके ऊपर पांच से ज्यादा पर्सनल लोन बकाया है उनकी संख्या मार्च 2023 में 7.7 फीसदी पर जा पहुंची है जो 2018 में 1 फीसदी थी.&nbsp;<br />&nbsp;<br /><strong>एसबीआई और एक्सिस का घटा टारगेट प्राइस&nbsp;</strong></p>
<p style="text-align: justify;">यूपीएस ने कहा कि जून 2023 तक एसबीआई के कुल कर्ज में अनसिक्योर्ड लोन का हिस्सा बढ़कर 11.1 फीसदी हो गया है जबकि एक्सिस बैंक का अनसिक्योर्ड लोन कुल कर्ज में बढ़कर 10.7 फीसदी हो गया है. इसी रिपोर्ट के चलते यूबीएस ने एसबीआई के शेयर को बेचने की सलाह देते हुए टारगेट प्राइस को 740 रुपये से घटाकर 530 रुपये कर दिया है. जबकि एक्सिस बैंक के स्टॉक न्यूट्रल बताते हुए टारगेट प्राइस को 1150 रुपये से घटाकर 1100 रुपये कर दिया है. &nbsp;यूबीएस के इस रिपोर्ट के चलते एसबीआई का स्टॉक 1.22 फीसदी की गिरावट के साथ 579 रुपये पर ट्रेड कर रहा है तो एक्सिस बैंक का शेयर 1.45 फीसदी की गिरावट के साथ 1003.70 रुपये पर कारोबार कर रहा है.&nbsp;</p>
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<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

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