भारत के हाथ लगी निराशा, प्रज्ञानंदा को हराकर मैग्नस कार्लसन बने चैंपियन

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Chess World Cup Final 2023, Magnus Carlsen And Praggnanandhaa: वर्ल्ड नंबर 1 चेस खिलाड़ी नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन ने शतरंज वर्ल्ड कप में भारत के रमेशबाबू  प्रज्ञानंदा को टाईब्रेक के दोनों मुकाबलों में मात देते हुए खिताब को अपने नाम किया. दोनों खिलाड़ियों के बीच फाइनल मैच के दोनों ही मैच ड्रॉ पर खत्म होने के बाद परिणाम टाईब्रेक मुकाबले के जरिए निकाला गया.

चेस वर्ल्ड कप 2023 के दूसरे टाईब्रेकर मुकाबले में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानंदा दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी कार्लसन से पिछड़ गए थे. इसके बाद दोनों के बीच अंतिम स्कोर कार्लसन का 1.5 जबकि प्रज्ञानंदा का 0.5 रहा था. इस मैच में 18 चाल के बाद क्वींस बदल गई थी, लेकिन इसका फायदा कार्लसन को मिला.

टाईब्रेकर मुकाबले में दोनों ही खिलाड़ियों को 25-25 मिनट का समय मिलता है. और प्रत्येक चाल के बाद खिलाड़ी के समय में 10 सेकंड जुड़ जाते हैं. वर्ल्ड कप के इस फाइनल के शुरुआती 2 मुकाबलों की बात की जाए तो पहला गेम 22 अगस्त को खेला गया. इसमें प्रज्ञानंदा ने सफेद और कार्लसन ने काले मोहरों के साथ यह मुकाबला खेला इसके बाद 35 चाल के बाद दोनों खिलाड़ियों ने हाथ मिलाए और मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ था.

दूसरा मुकाबला 30 चालों के बाद रहा ड्रॉ

प्रज्ञानंदा और मैग्नस कार्लसन के बीच दूसरा क्लासिकल मुकाबला 23 अगस्त को खेला गया. इसमें कार्लसन ने सफेद मोहरों के साथ खेला वहीं प्रज्ञानंदा ने काले मोहरों के साथ. इस मुकाबले में भी दोनों खिलाड़ियों ने किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई और अंत में यह मैच भी ड्रॉ पर खत्म हुआ. 30 चालों के बाद दोनों खिलाड़ियों ने हाथ मिलाते हुए मैच को खत्म किया. चेस वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में प्रज्ञानंदा तीसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं.

 

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