हर व्यक्ति के पास कंप्यूटर, प्रति 1400 लोगों पर एक स्टार्टअप, कैसे बना इजरायल स्टार्टअप नेशन?

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Startup Nation Israel: 7 अक्टूबर की सुबह इजरायल का हर नागरिक एक खूबसूरत सपने के साथ जग रहा होगा. कुछ सपने को हकीकत में बदलने में लग गए होंगे. आम तौर पर हर कोई अपनी दिनचर्या की शुरुआत सुबह ही करता है. तभी अचानक से इजरायल पर हमास के तरफ से हमला कर दिया जाता है. हमास खुद को चरमपंथी संगठन बताता है, जबकि इजरायल समेत कई देश उसे एक आतंकी ग्रुप करार दे रहे हैं. यह हमला इतना भयानक था कि इजरायल एक झटके में अपने सैकड़ों नागरिकों को खो देता है. दुनिया को टेक्नोलॉजी समेत अलग-अलग प्रोडक्ट बेचने वाले इजरायल के पास ऐसे हथियार हैं, जो किसी भी मिसाइल को उसकी धरती पर आने से रोक सकते थे. लेकिन उस दिन वह ऐसा नहीं कर पाते हैं. अब इजरायल हमास की अर्थव्यवस्था पर सीधे चोट कर रहा है. गाजा में मौजूद हमास के उन ठिकानों को निशाना बना रहा है, जहां से हमास को सबसे अधिक कमाई होती है. आज के समय में इजरायल दुनिया के मजबूत अर्थव्यवस्था वाला देश है. इसे स्टार्टअप कंट्री भी कहा जाता है. आइए इसके स्टार्टअप कंट्री बनने की कहानी जानते हैं.

इजरायल में स्टार्टअप्स की शुरुआत

इजरायल ने सरकारी पहल के जरिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा दिया है. इजरायली सरकार सक्रिय रूप से स्टार्टअप फंडिंग को बढ़ावा देती है और उभरते व्यवसायों को सहायता प्रदान करती है. इस माहौल के कारण स्टार्टअप्स की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है. 1990 के दशक में इजरायल ने अपने विकास और अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एक हाई टेक क्रांति की शुरुआत की. इजरायली स्टार्टअप तेल अवीव के टेक सेंटर से यरूशलेम तक फैला हुआ है और यहां तक कि दक्षिणी रेगिस्तानी शहर बीयर-शेवा तक भी पहुंचता है. सरकारी और प्राइवेट स्टार्टअप दोनों की सक्रिय भागीदारी के कारण इजरायल को स्टार्टअप नेशन का दर्जा मिला है. आज भारत भी उसी राह पर चल रहा है.

स्टार्टअप नेशन बनने के पीछे मेन कारण

स्टार्टअप नेशन के रूप में इजरायल की स्थिति उसके पर्याप्त फंडिंग से और भी मजबूत हुई है, यही कारण है कि स्टार्टअप्स के जरिए देश की इकोनॉमी में 4.8 बिलियन डॉलर की पूंजी का प्रवाह होता है, जिसमें से 85 प्रतिशत विदेशी निवेशकों से आता है. इजरायल अपने सकल घरेलू उत्पाद(GDP) का लगभग 4.3 प्रतिशत रिसर्च और विकास के लिए पोवाइड करता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि Google, Apple, Meta और Microsoft जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के रिसर्च सेंटर इजरायल में ही हैं. इजरायल में अधिकांश स्टार्टअप हेल्थ टेक, मोबाइल ऐप, रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सेक्टर पर ध्यान केंद्रित करते हैं.

स्टार्टअप्स की दुनिया का लीडर है यह देश

इजरायल विश्व स्तर पर प्रति व्यक्ति स्टार्टअप की सबसे अधिक संख्या का दावा करता है. इस देश में प्रत्येक 1,400 लोगों के लिए लगभग एक स्टार्टअप है. इसका मतलब है कि प्रत्येक 1,400 व्यक्तियों के लिए कम से कम एक स्टार्टअप फाउंडर या को-फाउंडर है. इजरायली रिसर्च और इनोवेशन के लिए जाने जाते हैं. बता दें कि यह देश 3,000 से अधिक हाई-टेक स्टार्टअप की मेजबानी करता है, और घरेलू कंप्यूटर की प्रति व्यक्ति दर भी काफी अधिक है. इजरायली कर्मचारियों को प्रति व्यक्ति काफी बेहतर वेतन मिलता है, जिनमें से कई कर्मचारी सालाना 200,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक कमाते हैं, जो आबादी के लिए 40,000 अमेरिकी डॉलर की औसत वार्षिक आय में योगदान देता है. इस देश में औसतन हर व्यक्ति के पास एक कंप्यूटर है.

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