पंजाब में आटा हुआ महंगा

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भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की ओर से करीब पांच माह से गेहूं के टेंडर जारी न होने से पंजाब की आटा मिलों में काम लगभग ठप हो गया है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की ओर से ओपन मार्केट सेल स्कीम (ओएमएसएस) को रिवाइज नहीं किया गया है, जिसकी वजह से एफसीआई के ऑनलाइन टेंडर लटक गए हैं। इसके चलते बाजार में आटा और मैदा समेत इनसे बने उत्पाद महंगे हो गए हैं।

आटे के दाम बाजार में 3,400 से 3,700 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। अगर यही हालात रहे तो बाजार में आटे की किल्लत हो सकती है, जिससे कालाबाजारी बढ़ने की आशंका है। हालांकि खाद्य आपूर्ति निगम का दावा है कि एफसीआई के पास गेहूं का पर्याप्त स्टॉक है। खुदरा बाजार में आटा और मैदा के दाम में 15 से 20 रुपये प्रति दस किलोग्राम तक बढ़ोतरी हो गई है, जबकि विभिन्न ब्रांड की ब्रेड भी पांच रुपये तक महंगी हो गई है।

दूसरे राज्यों से गेहूं की आवक के एक माह पहले ही पंजाब में गेहूं की किल्लत हो गई है। इससे आटे के दाम लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। गौर हो कि राज्यों को एफसीआई की ओर से गेहूं की आपूर्ति की जाती है, लेकिन इस बार टेंडर न लगने से इसमें देरी हो गई है। जानकारी के अनुसार दो दिन में आटे के भाव में 300 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। जहां एक सप्ताह पहले आटे की कीमत 3,400 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास चल रही थी, वहीं अब इसकी कीमत 3,700 से 3,800 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज की गई है। पंजाब के आटा मिल संचालक सुनील कुमार, हरवीर सिंह और जसविंदर सिंह ने बताया कि करीब पांच माह से गेहूं का पर्याप्त स्टॉक न आने से मिल में काम लगभग ठप पड़ा है। इसका असर महंगाई पर पड़ने लगा है।

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पंजाब के पास 116.32 एलएमटी खाद्यान मौजूद : घनश्याम

एफसीआई पंजाब के चंडीगढ़ स्थित उपमहानिदेशक (सामान्य) सीएच घनश्याम ने बताया कि निगम के पंजाब स्थित गोदामों में 116.32 मीट्रिक लाख टन (एमलटी) खाद्यान मौजूद है। इसमें गेहूं के अलावा चावल भी शामिल है। पीडीसी के लिए खाद्यान की कोई कमी नहीं है। केंद्र की ओर से पॉलिसी रिलीज नहीं की गई है। इसके जारी होते ही ओपन मार्केट सेल स्कीम के तहत ऑनलाइन टेंडर खोल दिए जाएंगे।

रूस-यूक्रेन युद्ध में आटे का निर्यात भी बड़ी वजह

सूत्रों के अनुसार रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के दौरान देश से लगभग 45 लाख टन गेहूं निर्यात किया गया। देश में गेहूं की कमी की यह भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। हालांकि राज्य की आटा मिलों को उम्मीद है कि गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान से गेहूं की आवक 28 फरवरी से शुरू हो सकती है, क्योंकि उन राज्यों में तेज गर्मी के कारण गेहूं की आवक फरवरी में शुरू हो जाती है, जबकि पंजाब का गेहूं अप्रैल में आना शुरू होगा।

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यहां इतने रुपये बढ़ गए आटे के दाम (प्रति 10 किग्रा)

शहर                आटा पहले (ब्रांडेड)        अब (औसत)

लुधियाना                 320                         350

चंडीगढ़                    300                         350

पंचकूला                   340                         360

मोहाली                    340                         390



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