हाइलाइट्स

राजस्थान के खिलाड़ी की व्यथा
पैरा प्लेयर मोहनलाल जीत चुके हैं पांच गोल्ड मेडल
मोहनलाल को अभी तक करीब साढ़े छह लाख की प्राइज मनी नहीं मिली है

श्रीगंगानगर. राजस्थान में खेलों में गोल्ड और ब्रॉज मेडल (Gold and Bronze Medals) लाने वाले कई खिलाड़ियों को नौकरी तो दूर की बात प्राइज मनी (Prize Money) तक नहीं मिली है. हालात के आगे मजबूर हो चुके कई खिलाड़ियों के सामने भविष्य के लिए तैयारी करने के साथ ही घर गृहस्थी चलाने का भी संकट आन पड़ा है. ऐसे ही एक पैरा खिलाड़ी है राजस्थान के श्रीगंगानगर के मोहनलाल. स्विमिंग और पावर लिफ्टिंग में पांच गोल्ड मेडल जीत चुके मोहनलाल आज अपना घर चलाने के लिए रंगाई पुताई का काम करने को मजबूर हैं. मोहनलाल के अनुसार उन्हें उनकी साढ़े छह लाख रुपये की प्राइज मनी अभी तक नहीं मिली है. राजस्थान खेल परिषद के अनुसार बहुत से खिलाड़ियों को नौकरियां दी जा चुकी हैं. वहीं परिषद के कुछ सूत्र इस तरह के हालात से भी इनकार नहीं करते हैं.

पैरा प्लेयर मोहनलाल का दावा है कि वे अकेले ऐसा खिलाड़ी नहीं हैं जो इस तरह के हालात का सामना कर रहे हैं. बकौल मोहनलाल उन जैसे कई खिलाड़ी हैं जो हालात के आगे घुटने टेक चुके हैं. मोहनलाल भारत-पाकिस्तान के बॉर्डर पर स्थित श्रीगंगानगर के जैतसर मंडी के नजदीकी गांव 5GB के रहने वाले हैं. मोहनलाल ने राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में राजस्थान के लिए गोल्ड मेडल के साथ-साथ ब्रोंज मेडल भी जीता है.

मोहनलाल ने 2020 में जीते ते पांच गोल्ड मेडल
मोहनलाल ने बताया कि सन 2020 में जोधपुर में आयोजित स्विमिंग और पावर लिफ्टिंग राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने पांच गोल्ड मेडल जीते थे. इनमें से चार गोल्ड मेडल स्विमिंग में और एक पावर लिफ्टिंग में जीता था. इसके साथ साथ इसी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में मोहनलाल ने स्विमिंग में 2 ब्रांज और गोला फेंक में 1 ब्रांज मेडल जीता था. पैरा खिलाड़ी मोहनलाल ने बताया कि राजस्थान सरकार खिलाड़ियों को एक गोल्ड मेडल के एवज में 1 लाख और एक ब्रॉज मेडल की एवज में 50 हजार रुपये की इनामी राशि देती है.

घरों में रंगाई पुताई और पुट्टी करने का काम कर रहे हैं
इस लिहाज उसे उनकी साढ़े 6 लाख रुपये की इनामी राशि बनती है. लेकिन आज तक उन्हें उनके हक की इनामी राशि नहीं मिली है. पैरा खिलाड़ी मोहनलाल का कहना है कि श्रीगंगानगर जिले में वह एकमात्र पैरा खिलाड़ी नहीं है जिस की इनामी राशि अटकी हुई है बल्कि कई पैरा खिलाड़ी और भी हैं जो अपनी इनामी राशि का इंतजार कर रहे हैं. मोहनलाल का कहना है कि फिलहाल उसे अपने घर गृहस्थी चलाने के लिए घरों में रंगाई पुताई और पुट्टी करने का काम करना पड़ रहा है.

खेल मंत्री से मिलने के लिए टाइम लेने का प्रयास किया लेकिन नहीं मिला
मोहनलाल ने बताया कि अपनी इनामी राशि के लिए वह कई बार खेल विभाग को सूचित कर चुके हैं. लेकिन कोई सुनवाई और कार्रवाई नहीं हुई. यहां तक कि कुछ दिनों पहले उन्होंने खेल मंत्री अशोक चांदना से टाइम लेने का प्रयास किया लेकिन भारत जोड़ो यात्रा में व्यस्त रहने के कारण पैरा खिलाड़ियों को टाइम नहीं मिल पाया. बकौल मोहनलाल ऐसे माहौल में कोई खिलाड़ी कैसे अपना सबकुछ खेल को दे सकता है. आखिरकार खिलाड़ियों को भी तो अपना घर चलाना होता है.

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