UNSC आखिर क्या है? जिसमें भारत होना चाहता है शामिल

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UNSC Membership: भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है, जो आर्थिक तौर पर तेजी से आगे जा रहे हैं. कहा जा रहा है कि अगले तीन साल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. आबादी के मामले में भी भारत चीन से बराबरी कर चुका है. हालांकि इस सबके बावजूद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में भारत को स्थायी सदस्यता नहीं मिल पाई है, दुनिया के कई देश भारत को स्थायी सदस्यता देने की मांग कर चुके हैं. जी-20 समिट के लिए भारत पहुंचे कई नेताओं ने भी इसकी पैरवी की. आइए जानते हैं कि आखिर ये UNSC क्या है और भारत के लिए कितना जरूरी है. 

कई देशों की तरफ से लाए जाते हैं प्रस्ताव
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को दुनियाभर में सबसे ज्यादा तरजीह दी जाती है, किसी भी देश के खिलाफ अगर प्रस्ताव पास होता है तो सबसे पहले उसे यहीं रखा जाता है, अगर UNSC में शामिल सभी देश इस पर राजी हो जाते हैं तो उस देश या फिर संगठन पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं. वैश्विक आतंकियों को लेकर भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कई प्रस्ताव लाए जाते हैं, जिसके बाद उनकी फंडिंग और बाकी तमाम तरह की चीजें बंद कर दी जाती हैं. 

भारत भी कई आतंकियों के खिलाफ यूएनएससी में प्रस्ताव पेश करता है, लेकिन ज्यादातर बार चीन उसमें अड़ंगा लगाकर प्रस्ताव को गिरा देता है. यही वजह है कि भारत इस संगठन का स्थायी सदस्य बनना चाहता है. 

महज पांच स्थायी सदस्य
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में कुल 15 देश हैं, लेकिन महज पांच देश ही इसके स्थायी सदस्य हैं. जिनमें- चीन, फ्रांस, रूस, अमेरिका और ब्रिटेन शामिल हैं. बाकी 10 देश अस्थायी सदस्य हैं. जिन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा चुनती है. अगर पांच स्थायी सदस्य देशों में से एक भी देश को किसी प्रस्ताव पर आपत्ति होती है तो वो पास नहीं हो पाता है. आमतौर पर ये पांचों स्थायी सदस्य वाले देश अपने हितों के चलते अपने करीबी देशों को इस मंच पर वीटो लगाकर बचा लेते हैं.  

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